भारत के 10 सबसे महान राजा (10 greatest kings of India)

Greatest kings of India आज हमारा देश जहा कहीं भी है वह सब हमारे पोरवाजों की ही देन है। उनकी बनाई हुए नीव के कारण ही आज हम जीवित हैं और उनकी छत्र छाया के नीच पल रहे हैं। जैसे आज के समय सरकार पूरे देश को चलाती है उसी प्रकार पहले के समय में एक देश राजा के द्वारा चलाया जाता था।

ऐसे ही भारत देश के  दस राजाओं के बारे में आप इस आर्टिकल में पड़ेंगे जिन्होंने हमारे देश के लिए इतिहास रचा और कुछ ऐसी महान कार्य करे जिनके बारे में हम आज भी पढ़ते है और पढ़ाते हैं।

1. चंद्र गुप्त मौर्य ( Chandra Gupta Maurya)

राजाओं की बात हो और हम महान राजा चंद्र गुप्त मौर्य को भूल जाएं ऐसा कैसे हो सकता है।

इनको पहले अहम राजा के द्वारा जाना जाता था। महान रणनीतिकार चाणक्य को गुरु बना कर इन्होंने अपना कार्य शुरू किया। चाणक्य ने चंद्रगुप्त को बालक के रूप में तक्ष शीला में पहली बार देखा था और वही से उनको उनकी काबिलियत का आभास हो गया था ।इसके बाद उन्होंने उनको उच्च शिक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया।इन्होंने बेहद छोटी उमर 20 साल से ही युद्ध लड़ने और जितने शुरू कर दिए थे। इन्होंने अलेक्जेंडर के द्वारा किए गए आक्रमण का विरोध किया और यह उसमे सफल भी रहे। चंद्रगुप्त ने अलेक्जेंडर को हरा कर बहुत से राज्य को वापस जीत लिया था।

बड़े हो जाने के बाद उन्होंने नंद वंश को खतम करके अपना राज्य बिछाया। उनका साम राज्य इतनी दूर तक फैला था की वर्तमान समय में पाकिस्तान कहने वाला और नेपाल कहलाने वाला देश भी उन्ही के राज्य में आता था।

2. सम्राट अशोक (Samrat Ashok) greatest kings of India

यह केवल एक ऐसे राजा थे जिनका साम्रज्य कश्मीर से लेकर तमिलनाडु और अफगानिस्तान से लेकर बर्मा तक फैला हुआ था। सम्राट अशोक को भारतीय इतिहास में सबसे शक्तिशाली राजा माना जाता है।

यह अपने वंश के तीसरे राजा थे और माना जाता है यह पहले के अपने दिनों में काफी कठोर स्वभाव के हुआ करते थे। लेकिन कलिंग युद्ध में लोगों की जान जाते देख इनका हृदय परिवर्तन हुआ। इनका बौद्ध धर्म को विदेशों तक फैलाने में बहुत बड़ा योगदान माना जाता है। हमारे वर्तमान देश का झंडे का चक्र व राष्ट्रीय प्रतीक इनके स्तंभ से अपनाया गया है।

3. महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) greatest kings of India

बलशाली मेवाड़ के  महाराणा प्रताप को तो को नहीं जानता। इनका खुद का वजन 80 किलो था, और कवच का वजन भी उतना ही था और बाकी सभी यंत्रों को मिलाकर यह पूरे 210 किलो के आस पास वजन दार थे। उनका नाम ही कई लोगों को प्रेरित करता है उनकी बहादुरी और शहीदी के कारण। महाराणा प्रताप के समय अकबर दिल्ली के मुगल शासक थे। महाराणा प्रताप ने कसम खाई थी की वह अपनी मातृभूमि को मुगल शासन से छुड़वा के रहेंगे।

अकबर ने बहुत कोशिश की लेकिन वह महाराणा प्रताप से हल्दीघाटी का युद्ध नहीं जीत पाए। महाराणा प्रताप का एक बेहद वफादार घोड़ा था चेतक जो उस लड़ाई में मर गया किंतु हमेशा के लिए अमर हो गया।

4. छत्रपति शिवाजी (Chatrapati shivaji) greatest kings of India

मराठा के वंश शिवाजी महाराज ने औरंगजेब को हराया था और तुर्को और मुगलों को तो कई बार हराया था। उन्होंने अफजल खान को भी युद्ध में हराया जबकि अफजल खान उनसे ताकत में ज्यादा आगे था। वह औरतों के सम्मान के लिए हमेशा खड़े होते थे और उन्होंने कभी भी किसी औरत को जेल नही जाने दिया।

उनके राज्य में महिलाओं के साथ होने आले अत्याचार जैसे बलात्कार और छेड़ छाड़ के लिए बहुत बुरी सज़ा थी। वह बेहद दयावान थे और जो भी व्यक्ति हार मान लेता था वह उसे अपनी सेना में जगह देते थे। उन्होंने पहले भारत के लिए युद्ध लड़ा और फिर उसके बाद अपने खुद के साम्रज्य के लिए। उनको भारत के नौसेना के पिता के रूप में भी जाना जाता है क्योंकि उन्होंने एक मज़बूत नौसेना का निर्माण किया था। उन्होंने अपनी सेना को 2000 से 8000 में तब्दील किया।

5. कृष्णादेवराय (Krishnadeva Raya) greatest kings of India

कृष्णदेवराय ने दक्षिण भारत में मुस्लिम राज खतम करने के लिए ओड़िशा के राजा, बीजापुर के सुल्तान, बहमनी के शासक आदिल शाह को युद्ध में हराया। वह कला और संगीत के महान संरक्षक थे। हम्पी में हजारा मंदिर और विथलस्वामी भी उन्ही के द्वारा बनाई गई है। कृष्णदेवराया के शासन के द्वारा विजयनगर साम्रज्य अपनी तरक्की की चरम सीमा पर था। वह उस समय के सबसे ताकतवर राजाओं में से एक माने जाते हैं।

6. रानी दुर्गावती (Rani Durgavati) greatest kings of India

इनका जन्म दुर्गाष्टमी के दिन हुआ था जिसकी वजह से इनका नाम दुर्गावती रखा गया। इनका विवाह अपनी जाति में ना होकर दूसरे जाति में हुआ। रानी दुर्गावती का नाम सामाजिक कार्यों में आता है इन्होंने कई कुएं, मठ धर्म शालाएं और अनेक बावड़ी बनवाई। मालवा के शासक ने उनके राज्य पर हमला किए लेकिन वह हमेशा पराजित हुए। एक बार तो अखबार ने भी गोंडवाना  बार हमला बोला किंतु वह भी पराजित हुए। उन्होंने खुद पुरुष का वेश करके युद्ध लड़ा जिसने 3 हज़ार मुगल को मारा गया। जबलपुर के विश्वविद्यालय और संग्राहलय का नाम इनके नाम पर रखा गया है।

7. राणा सांगा (Rana Sangha) greatest kings of India

राणा सांगा सबसे बहादुर और समझदार राजा माने जाते हैं। इन्होंने अपने राज्य को युद्ध और कुटनिकी रूप से फैलाया। उन्होंने राजपूतों के काबिल योद्धाओं को एक जुट किया जिसकी वजह से वह मुगल राजाओं को हरने में सफल हुए। वह एक हिंदू साम्रज्य स्थापित करना चाहते थे। खतौली के युद्ध में उन्होंने अपन एक बाजू और तीर लगने से एक पैर को दिया। यह युद्ध इब्राहिम लोधी के खिलाफ लड़ा था। राणा सांगा को उन्ही के लोगों के जहर देके मार डाला क्योंकि वह नहीं चाहते थे की वह मुगलों के खिलाफ जंग छेड़े।

8. अजातशत्रु (Ajatshatru) greatest kings of India

अजातशत्रु ने सत्ता पाने के लालच में अपने ही पिता “बिंबीसारा” को बंधी बनाके जेल में डाल दिया।  यह सब करने के बाद वह सत्ता पाने में सफल रहा और 491 ई. पू में मगध की गद्दी पर राज करना शुरू किया। अजात शत्रु को कुनिका के नाम से भी जाना जाता था।उनके शासन के दौरान उत्तरी भारत सबसे ताकतवर बन गया। सबसे पहली बौद्धिक बैठक अजातशत्रु के राज में हुई  राजगृह में। अजातशत्रु अपने बेटे उड़ाएं द्वारा मारा गया।

9. रानी लक्ष्मी बाई (Rani Laxmi Bai) greatest kings of India

इनका पैदाइशी नाम मणिकर्णिका तांबे। उन्होंने अपनी मां को 4 साल की उम्र में ही को दिया था। वह एक ब्राह्मण परिवार से थी। उनकी परवरिश बाकी ब्राह्मण परवरिश से अलग थी वह बहुत सारे लड़को के साथी बड़ी हुए थी। उन्होंने बड़े होते होते युद्ध की कला को देखा। उन्हें घुड़ सवारी का शौक था। उनकी शादी गंगाधर राव नेवलकर से 1842 में हुई। उनके पति झांसी के राजा थे। उनके बेटे का नाम दामोदर राव था। उन्होंने और उनके पति ने एक लड़के को गोद भी लिया जिसका नाम आनंद राव रखा। उनके पति की मृत्यु जल्द हो गई थी एक बीमारी की वजह से।

10. समुद्रगुप्त (Samudragupta) greatest kings of India

उनके समय को स्वर्ण युग से जाना जाता है। उनका पूरा शरीर युद्ध के घाव से भरा हुआ था। उनकी तुलना नेपोलियन बोनापार्ट से की जाती है। वह अपने पड़ोसी देश के राजाओं से दोस्ती के संबंध में थे। उन्होंने सात अलग तरह के सिक्के जारी किए। वह कला के महान संरक्षक थे।

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