10+ Best Small,Short Stories in Hindi 2022 ऐसे कहानियां जो मनोरंजन के साथ साथ नैतिकता का भी पाठ पढ़ाती हैं

Short Stories in Hindi 2022 – आपने अपने बड़ों से ये बात तो सुनी होगी की अगर एक इंसान की नीव अच्छी हो तो उसका आगे का जीवन सफल और संतुष्टि के साथ व्यतीत होता है और हम सब जानते हैं की बचपन ही एक व्यक्ति का सबसे पहला पड़ाव होता है जो उसके जीवन की नीव बिछाता है अगर वह ही खराब हो जाए तो आगे का जीवन की कोई guarantee नही ले सकते। लेकिन अगर यही नीव मजबूत बन जाए तो आगे जीवन अगर बहुत अच्छा नही भी तो स्थिरता के साथ गुजरता है। अपने बचपन को जीने का हक सबको होता है।

इसी बचपन को मजबूत बनाती हैं कहानियां जो हम अपने बड़ों से सुनते हैं और उन्ही कहानियों द्वारा अपने जीवन के कई पहलुओं के बारे में सीखते हैं।

अगर यह कहानियां सीख देने वाली जो हों तो फिर क्या हो कहने मनोरंजन के साथ साथ नैतिकता भी सीख ने को मिल जाती हैं यानी एक तीर से दो निशाने।

इसलिए सभी माता पिता को अपने छोटे छोटे बच्चों को पूरी खोज करके कहानियां सुनानी चाहिए ताकि बच्चे के दिमाग का अच्छे से और पूर्ण तरीके से विकास हो और साथ ही साथ उसकी नीव भी मज़बूत हो।

अगर आप किसी बच्चे को मार पीट वाली कहानियां सुनाते है तो उसके दिमाग में वह बहुत हिंसक प्रभाव डालता है, लेकिन अगर आप उनको जीवन के इस पहलू से भी वंचित रखेंगे तो भी वह सही नही है। 

इसका बस एक ही उत्तर है कहानियों द्वारा उनको दुनिया की सीख देना।

यह article उन 10 ऐसे कहानियों पर प्रकाश डालेगा तो आपके बच्चों के लिए मनोरंजन के साथ साथ कुछ जीवन की सीख और उनकी बुद्धि का भी विकास करेंगी।

10 Short Stories in Hindi with Moral for Kids

1. रेशमा क्यों पीछे हटे? Short Stories in Hindi

रेशमा कक्षा 7 में पढ़ने वाली लड़की है जिसको हर तरह के खेलों में रूचि है एक दिन जब उसके विद्यालय द्वारा फुटबॉल का खेल आयोजित किया जा रहा था और उसने उस खेल में भाग लेने के लिए रुचि दिखाई तो उसके मित्रों से यह खेल तो लड़कों के लिए बना है कहकर उसका मज़ाक उड़ाया लेकिन उस दिन उसकी मां ने कहा कोई भी चीज़ लड़का या लड़की के लिए नही सब के लिए बनी होती ऐसा कहकर उसका प्रोत्साहन बड़ा या तो फिर क्या था अगले दिन रेशमा ने बिना किसी के बारे में सोचकर अपना नाम दर्ज करवाया और 2 गोल अपनी टीम के लिए करके उनको जीत दिलाई।

उस खेल में भाग लेने वाली रेशमा एक लौटी लड़की थी। उसके इस कदम से बाकी लड़कियां भी विद्यालय में फुटबॉल खेलने के लिए सामने आई।

कहानी में छिपी सीख= हमे लोग क्या कहते हैं इसके परे सोचकर अपने सपनों और रुचियों का अनुसरण करना चाहिए।

2. लालची किसान Small Stories in Hindi

बीजू एक निर्धन किसान है जिसका घर किसानी करके चलता हैं उसके घर में उसकी पत्नी और 5 बच्चे हैं को अभी छोटे हैं। एक दिन वह खेत में खेती कर रहा था तो लक्ष्मी मां को उस पर दया आई और वह उसके सामने प्रकट होकर बोली बोल बीजू तुझे कितना धन चाहिए अपनी झोली खोल वह खुशी से फूला न समाया किंतु माता ने यह शर्त रखी की उतना ही मांगना जितना तेरी झोली से सके अगर तेरी झोली फट गई तो तेरे पास जो कुछ भी है वो लुट जाएगा। बीजू बोला आप झोली की चिंता न करें मां मेरी झोली मजबूत है आप पर धन की वर्षा करते जाएं, माता उसको पूछती रहती की कब रोकना है पर वो कहे की उसकी झोली मजबूत है।

और ऐसे करते करते उसकी झोली फट गई और माता का कहा हुआ सब कुछ सच हुआ, उसके पास जो कुछ भी था वो भी वह को बैठा।

कहानी में छिपी सीख= लालच बुरी चीज़ है, या आदमी को बर्बाद कर देती है।

Short Stories in Hindi

3. झूठ बोलना गलत बात है

एक निर्धन धोबी था जिसके पास एक गधा था जो काम खाना मिलने की वजह से कमजोर था । एक दिन धोबी को एक मारा हुआ बाघ मिलने पर उसने सोचा की वह बाघ की खाल अपने गधे को पहना देगा और लोगों के खेत में चरने भेज देगा उससे डरकर वह उससे घास चरने देंगे। उसने योजना बनाकर लागू भी करदी । चरते समय गधे ने किसी दूसरे गधे की रेंकने की आवाज सुन लो तो उसने भी रैंकना शुरू कर दिया उसके बाद सबको पता चल गया की सचाई क्या है।

उसके बाद बेचारे गधे की खूब पिटाई हुए, जबकि गलती धोबी की थी।

कहानी में छिपी सीख= झूठ न बोले इसकी भरपाई दूसरे लोगों को करनी पड़ती है।

4. अकलमंद किसान

एक बार की बात है एक किसान अपनी बकरी, घास की गठरी और एक शेर को लेकर नदी किनारे खड़ा था। उन्हें वह नदी पार करनी थी और नाव थी बेहद छोटी एक साथ सब को न ले जा पाए। किंतु परेशानी यह थी की अगर वह शेर को पहले ले जाए तो बकरी घास खा लेगी, अगर वह घास के जाए तो शेर बकरी खा जाए। तो उसने दिमाग लगाया उसने पहले बकरी को साथ ले आया और नाव में बैठकर नदी पार कर आया। दूसरे चक्कर में शेर को नदी पार ले गया लेकिन बकरी वो लौट ते समय अपने साथ ले आया। और बकरी को इस तरह छोड़ के , घास की गठरी वो दूसरी तरफ छोड़ आया, और अंत में बकरी वो भी नदी पार करवा लिया।

कहानी में छिपी सीख= कभी कभी परिस्थिति के हिसाब से पर्याप्त हल निकालना पढ़ता हैं।

5. एकता में है बल

एक समय की बात है एक कबूतरों का झुंड था। वह सभी अपने राजा के संग खाने की तलाश में निकले और इस तलाश के दौरान एक जाल में का फसे। उनके राजा ने उन्हें सलाह दी की अगर वह सभी एक साथ उड़ने का जोर लगाएं तो वह इस जाल को लेकर उड़ान भर सकते हैं। तो उन्होंने एक साथ उड़ान भरी और वह इस जाल को साथ लेकर उड़ने में सफल रहे। शिकारी उनकी यह एकता देख कर चकित रह गया।

उड़ते उड़ते वह एक चूहे के पास पहुंचे और उस चूहे ने उस जाल को कुतर दिया और वह कबूतर मुक्त हो गए।

कहानी में छिपी सीख= एकता है तो आप किसी भी परेशानी का सामान कर सकते हैं।

6. हंस और उल्लू

एक हंस झील के किनारे रहता था कुछ दिन बाद एक उल्लू भी वही आकर रहने लगा । वह दोनो ही मिल जुल कर रहते थे। गर्मियां आए और उल्लू ने अपने घर वापस जाने का सोचा उसने हंस को भी अपने साथ चलने को कहा। किंतु हंस बोला की जब झेल सुख जाएगी तब वह उसके घर जाएगा। नदी सुख गई और हंस उसके घर बरगद के पेड़ पर रहने चला गया। हंस को जल्दी सोने की आदत थी।

एक दिन कुछ राहगीर वहा विश्राम करने के लिए रुके। उनको देखकर उल्लू ज़ोर से चिल्लाया उसकी चीख सुन कर उन राहगीरों ने निशाना लगाया उल्लू को तो रात में दिखता था वह उस तीर से बच गया लेकिन वह तीर हंस को जा लगा और उसकी वही मृत्यु हो गई।

कहानी में छिपी सीख= नई जगह पर सचेत रहना चाहिए।

7. दोस्त का महत्व

राहुल गर्मी की छुट्टियों में अपनी नानी के घर जाता है। वहां राहुल को बेहद मज़ा आता क्योंकि नानी के यह आम का बगीचा है। वह राहुल के अन्य मित्र भी हैं

एक  दिन की बात है, राहुल को खेलते समय कुछ चोट लग गई। राहुल के दोस्तों ने उसको को उठाकर घर पहुंचाया और उसकी मां से उसके चोट लगने की बात बताई। राहुल की चोट पर दवाई लगाई गई।

राहुल की मां ने उन दोस्तों को धन्यवाद किया और उन्हें ढेर सारे आम दिए। राहुल जब ठीक हुआ तो उसे दोस्त का महत्व समझ में आया और राहुल ने अपने दोस्तों को धन्यवाद किया। 

कहानी में छिपी सीख – अच्छे दोस्त सुख-दुःख के समय के साथी होते है। वह आपकी मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।

8.भीकू का मित्र

भीकू तीसरी कक्षा में पढ़ता है। वह स्कूल जाते समय अपने साथ दो रोटी लेकर जाता था। रास्ते में एक खंडर के बाहर एक छोटा सा कुत्ता रहता थी। वह दोनों रोटी वो उस कुत्ते को खिलाता है। भीकू कभी भी कुत्ते को रोटी खिलाना नहीं भूलता। कभी-कभी स्कूल के लिए देर होती तब भी वह बिना रोटी खिलाए नहीं जाता ।

वह कुत्ता इतना प्यारा था की भीकू को देखकर बहुत खुश हो जाता। भीकू भी उसको अपने हाथों से रोटी खिलाता।

दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन गए थे।एक दिन की बात है भीकू बाजार से सामान लेकर लौट रहा था। उस खंडर के बाहर कुछ लड़कों ने उसे पकड़ लिया।मोती से सामान छीनने लगे। तो इस कुत्ते ने भीकू को संकट में देख उसको बचाने के लिए उन लड़कों पर भौंकने लगा। कुत्ते को अपनी ओर आते देख सभी लड़के नौ-दो-ग्यारह हो गए।

भीकू ने कुत्ते को गले लगा लिया और उससे प्रेम करने लगा

कहानी में छिपी सीख- कुत्ते वफादार जानवर होते हैं।

  • गहरी मित्रता सदैव सुखदाई होती है।
  • निस्वार्थ भाव से व्यक्ति को मित्रता करनी चाहिए।
  • संकट में मित्र ही काम आता है।

9. नेहा की बुद्धिमान सोच

लक्ष्मीनगर में लोग बीमार पढ़ रहे थे। डॉक्टर ने बीमारी का कारण गंदगी फैलाने वाली मक्खी को बताया। लक्ष्मीनगर के पास एक कूड़े का ढेर है। उस ढेर से सारी कमक्खियों का इजात होता है। वह उड़कर आस पास के सभी घरों में जाती हैं और वहां पर रखा खाना गंदा करती हैं। उस खाने को खाकर लोग बीमार हो रहे थे।नेहा 4 कक्षा में पढ़ती है। उसकी teacher ने मक्खियों के कारण फैलने वाली बीमारी को बताया।नेहा ने मक्खियों को भगाने की ठान ली।घर आकर मां को मक्खियों के बारे में बताया। वह हमारे खाने को गंदा कर देती है। घर में आकर गंदगी फैलाती है। इन्हे घर से बाहर करना अनिवार्य है । नेहा बाजार से एक मक्खी भागने वाली दवाई लेकर आई। उसके दवाई से घर में साफ सफाई हुई। रसोई घर में भी अच्छी तरह से सफाई की गई और सभी भोजन को ढक दिया गया। जिसके कारण मक्खियों को खाना नहीं मिल पाया। दो दिन में मक्खियां घर से बाहर भाग गई। ऐसे ही सभी घर मक्खी मुक्त हो गए।

कहानी में छिपी सीख – खुद की सतर्कता और बुद्धिमत्त से बड़ी-बड़ी बीमारियों से बचा जा सकता है।

10. लालच करने के भरी नुकसान

एक दिन, एक निर्धन व्यक्ति एक किसान के पास गया और एक मुर्गी के बदले, उससे एक बोरी चावल लेआया। किसान की पत्नी को जब पता चला कि उसके पति ने एक साधारण मुर्गी के बदले बोरी भर चावल दे दिए तो वह बहुत गुस्सा हुई। लेकिन अगले ही दिन सुबह किसान की पत्नी मुर्गी के पास गई तो उसे एक सोने का अंडा मिला। जादुई मुर्गी हर दिन सोने का एक अंडा देती थी। कई सप्ताह तक ऐसा चलता रहा। जल्द ही वह किसान गाँव का सबसे धनी व्यक्ति बन गया ।

किंतु किसान की लालची पत्नी इससे भी संतुष्ट नहीं थी। एक दिन जब किसान घर पर नहीं था कही बाहर गया था, तो वह एक बड़ा चाकू ले आई और मुर्गी का पेट काट डाला।

वह सोच रही थी कि मुर्गी के पेट से एक साथ सारे सोने के अंडे मिल जाएँगे। जब उसे एक भी अंडा नहीं मिला तो उसे बहुत सुख हुआ। अब उसे हर दिन जो अंडा मिलता था, वह भी हाथ से गया।

कहानी में छिपी सीख – लालच करने से इंसान के पास जो कुछ है वो वह भी को देता है और उसे भरी पछतावा होता है।

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